Devayana Vol. 8 Part 1 (Shrimad Bhagwat Purana) (Hindi)
₹2,000 ₹1,600

| Language | Hindi |
| Pages | 790 |
| Binding | Hardback |
| ISBN-13 | 9789392756658 |
| Book Dimensions | 9"x6" |
| Publishing Year | 2026 |
देवायण के विष्णुकल्प में श्रीमद्भागवतम् में भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर यह उद्घाटित करते हैं कि दिव्य प्रेम ही परम आध्यात्मिक सिद्धि का सर्वोच्च पथ है। यहाँ हम उस अनुपम बालक के दर्शन करते हैं, जिसकी अलौकिक मोहिनी छवि, निष्कपट बाल–लीलाएँ और अद्भुत पराक्रम सहस्राब्दियों से असंख्य हृदयों को मुग्ध करते आए हैं। अपने अग्रज बलराम के साथ वे अधर्म और आसुरी शक्तियों का विनाश करते हैं, जबकि उनकी बाँसुरी की दिव्य तान केवल मनुष्यों को ही नहीं, अपितु समस्त प्राणिजगत् और प्रकृति के कण–कण को भी सम्मोहित कर देती है।
वृन्दावन की रमणीय लीलाभूमि से
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