Vrindavan/वृंदावन: श्रीकृष्ण की बाललीला पर आधारित खंडकाव्य
₹350 ₹315
Author:
Geetanjali

| Language | Hindi |
| Pages | 170 |
| Binding | Paperback |
| ISBN-13 | 9789392756719 |
| Book Dimensions | 8.5”x5.5” |
| Publishing Year | 2026 |
Categories: Hinduism, New Releases, Religion
Brand: Geetanjali
श्रीकृष्ण के जीवन का सुंदरतम भाग उनका वृंदावन वास रहा, जिसमें उन्होंने अपनी बालसुलभ क्रीड़ा के साथ-साथ अनेक दैवी लीलाएँ भी की। इस पुस्तक में कवयित्री ने उन्हीं लीलाओं को आधार बना कर छंदबद्ध काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया है। इसमें मुख्यतः सोरठा और सवैया छंदों का प्रयोग किया गया है, जो इसे साहित्य के विद्यार्थियों के लिए भी रुचिकर बनाता है। श्रीकृष्ण-भक्ति के रस की यह शब्द-गंगा भगवान के जन्म से लेकर कंस-वध तक की यात्रा को वर्णित करती है, जिसे १८ सर्गों में विभक्त किया है। प्रत्येक सर्ग में उनकी लीला के एक उपक्रम की व्याख्या है। साथ ही इन चमत्कारी दिखने वाली घटनाओं का ऐतिहासिक प्रतिरूप भी दर्शाया गया है, जो इन लीलायों को मिथक की श्रेणी से उबार कर इतिहास की श्रेणी में प्रतिरोपित करने में सहायक होगा।
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