Devayana Volume 4 Part 2_Upanishads

| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Book Dimensions | 8.5”x5.5” |
| Publishing Year | 2026 |
राजर्षि मंडल में, सरल और सुगम भाषा में, १०८ में से ३९ उपनिषद प्रस्तुत किए गए हैं। राजा जनक एक भव्य सभा का आयोजन करते हैं, जहाँ ऋषियों से उनकी अवधारणाओं को प्रस्तुत करने और उनके असीम ज्ञान को साझा करने के लिए कहा जाता है। इनमें अन्य उपनिषदों के साथ ईशा, केन, कठ, छांदोग्य, कैवल्य और बृदारण्यक उपनिषद के उपदेश सम्मिलित हैं। यह मंत्र आत्म, विश्व, दिव्य को प्रकाशित करते हैं। यह ग्रंथ अपने आध्यात्मिक परमानंद के साथ, धार्मिक सीमा-रेखाओँ का अतिक्रमण करते हैं। कुछ उपनिषद, जिनसे बहुत से पाठक अपरिचित हैं, इस प्रकाशन में पुनः प्रकट होते हैं। यह पाठ्य को अत्यंत रोचक बनाता है।
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